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जम्मू-कश्मीर: मुठभेड़ में नहीं टिक पा रहे हैं नौसिखिए आतंकी

Byadmin

अक्टूबर 29, 2020

घाटी में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में ज्यादातर आतंकी टिक नहीं पा रहे हैं। इसके पीछे की जो वजह बताई जा रही है वह यह कि घाटी में इस समय ऐक्टिव आतंकियों में ज्यादातर नौसिखिए हैं।

नई दिल्ली
कश्मीर में आतंकियों के साथ हो रही मुठभेड़ में सुरक्षा बल 3-4 मिनट में ही आतंकियों को निपटा दे रहे हैं। पहले मुठभेड़ लंबी चलती थी लेकिन अब ज्यादातर आतंकी नौसिखिए हैं और फायर फाइट में चंद मिनट ही टिक पा रहे हैं। हालांकि आतंकियों को निपटाने में सिविलियंस को और प्रॉपर्टी को नुकसान न हो इसका ख्याल रखा जा रहा है जिसकी वजह से ऑपरेशन कई घंटे लंबे चल रहे हैं।

नहीं हो पा रही है आतंकियों की ट्रेनिंग, हथियारों की भी कमी
इंडियन आर्मी के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक पहले पाकिस्तान आतंकियों को अपने वहां ट्रेनिंग देकर उन्हें भारत में घुसपैठ कराता था। लेकिन अब घुसपैठ पर लगाम लगी है और आतंकी संगठन लोकल युवाओं को ही गुमराह कर अपने साथ जोड़ रहे हैं। उनकी ट्रेनिंग नहीं हो पा रही है इसलिए ज्यादातर आतंकी नौसिखियां हैं। आतंकियों के पास हथियारों की भी कमी है। घाटी में अभी जितने आतंकी एक्टिव हैं उनमें ज्यादातर वह हैं जिन्होंने कुछ ही महीने पहले या इस साल ही आतंकी संगठनों का साथ पकड़ा है। साउथ कश्मीर को देखने वाली आर्मी की विक्टर फोर्स के जीओसी मेजर जनरल रशिम बाली ने कहा कि जो आतंकी सक्रिय हैं उसमें आधे से ज्यादा 2020 के हैं। उन्हें हथियार चलाना भी नहीं आता। आखिर के तीन एनकाउंटर पांच मिनट में ही खत्म हो गए। उन्होंने कहा कि हालांकि ऑपरेशन लंबे चल रहे हैं क्योंकि हम इसका पूरा ख्याल रखते हैं कि सिविलियंस को नुकसान ना हो। मेजर जनरल बाली ने बताया कि कुछ वक्त पहले मस्जिद में आतंकी छुपे हुए थे और मस्जिद को नुकसान ना हो इसलिए सुरक्षा बलों ने कई घंटे इंतजार किया और फिर आतंकियों को मार गिराया।

साउथ कश्मीर में इस साल 105 युवा आतंकियों के साथ गए जिनमें काफी मारे गए हैं जो 86 ऐक्टिव हैं उन्होंने एक भी हथियार नहीं चलाया है। साउथ कश्मीर का इलाका 14 हजार स्क्वॉयर किलोमीटर का है जिसकी करीब 44 लाख की आबादी है। इसमें 20 पर्सेंट युवा हैं। युवा टेकसेवी हैं और सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान उन्हें बरगलाने की कोशिश करता है। आर्मी अधिकारी के मुताबिक हम ऑपरेशन में मिनिमम फोर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार सीमा पार से घुसपैठ नहीं होने दी गई इसलिए घाटी में ट्रेड आतंकी नहीं हैं।

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