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कोरोना महामारी की वजह से उत्तराखंड में रद्द की गई कांवड़ यात्रा : रिपोर्ट

Byरवि बहल

जुलाई 13, 2021

पिछले साल कोरोना वायरस की पहली लहर की वजह से यात्रा को रद्द कर दिया गया था.

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार ने इस साल कांवड़ यात्रा को रद्द कर दिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ यात्रा के संबंध में सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में कोविड के डेल्टा प्लस वैरियेन्ट के पाये जाने, कोविड की तीसरी लहर की आशंका और देश-विदेश में इसके दुष्प्रभावों पर गहन विचार-विमर्श किया गया. इस संबंध में विशेषज्ञों की राय पर भी विचार किया गया. मनुष्य जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी कांवड़ यात्रा को रद्द करने का फैसला लिया गया.

मुख्यमंत्री ने सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को यथोचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये. यह भी निर्देश दिए कि पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्यवाही हेतु अनुरोध किया जाए, ताकि वैश्विक माहमारी को रोकने में सफल हो सकें. बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. कांवड़ यात्रा को रद्द करने को लेकर कई दिनों से चर्चा चल रही थी. कांवड़ यात्रा पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था, ‘भगवान भी नहीं चाहेंगे कि लोग मरें. इस समय प्राथमिकता जीवन बचाना है.’उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आग्रह किया था कि कोविड​​​​-19 प्रोटोकॉल के सख्ती से पालने के निर्देश देते हुए, केवल कम से कम लोगों को वार्षिक कार्यक्रम में भाग लेना चाहिए.

सोमवार को भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की उत्तराखंड इकाई ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चिट्ठी लिखकर कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर इस साल कांवड़ यात्रा को रद्द करने का आग्रह किया था. बता दें, एक पखवाड़े चलने वाली यात्रा श्रावण महीने की शुरुआत (करीब 2 जुलाई) से आरंभ होकर और अगस्त के पहले हफ्ते तक चलने वाली थी, जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के करोड़ों कांवड़िए गंगा का पवित्र जल लेने के लिए हरिद्वार में जमा होते हैं. पिछले साल कोरोना वायरस की पहली लहर की वजह से यात्रा को रद्द कर दिया गया था.